चमोली।
करोड़ों की लागत से कमेड़ा में किया गया ट्रीटमेंट फिर से भूधंसाव की चपेट में आ गया है। हाईवे के एक छोर से करीब बीस मीटर तक भूधंसाव होने से हाईवे पर मोटी-मोटी दरारें पड़ गई हैं। वहीं हाईवे किनारे लगाई गई गेबियन आगे की ओर झुक गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से यहां यातायात भी वन वे हो गया है। एनएचडीआईसीएल की ओर से यहां पर करीब दो माह पूर्व ट्रीटमेंट कार्य किया गया था।
बदरीनाथ हाईवे पर गौचर कमेड़ा में भूधंसाव को रोकने के लिए एनएचडीआईसीएल की ओर से अलकनंदा नदी से हाईवे तक करीब 20 से 25 मीटर की ऊंचाई पर करोड़ों की लागत से ट्रीटमेंट कार्य किया गया था। जिसमें हाईवे पर ड्रिलिंग कर लोहे की रॉडें डालकर जमीन को मजबूत किया गया था।
इसके साथ ही हाईवे किनारे बड़ी-बड़ी गेबियन की दीवारें लगाई गई थी। लेकिन निर्माण के दो माह बाद ही यहां पर फिर से भूधंसाव शुरू हो गया। हाईवे पर मोटी-मोटी दरारें पड़ गई हैं। और एक छोर पूरी तरह से धंस गया है। एनएचडीआईसीएल के स्नातक अभियंता गौरव पंत ने बताया कि यह कार्य 10 वर्ष के लिए ठेकेदार के पास डीएलपी में है। जिस पर ठेकेदार के द्वारा फिर से कार्य किया जाएगा। और उसे सही किया जाएगा।



