देहरादून : सरकार देवभूमि में निराश्रित गोवंश को जल्द ही सहारा देने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी शहरों के अलावा 25-25 गांवों के समूह में एक-एक गो-सदन अथवा शरणगृह तैयार करने पर विचार कर रही है। एक जानकारी के अनुसार प्रदेश के शहरों में नगर निकाय और गांवों में जिला पंचायतों के जरिये इनका निर्माण किया जायेगा। शासन ने इस सिलसिले में नगर निकायों और जिला पंचायतों को भूमि चयनित कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं। उत्तराखंड गो सेवा आयोग ने हाई कोर्ट के आदेशों के क्रम में दोनों विभागों के सचिवों को पत्र भेजकर त्वरित कार्यवाही को कहा था।
उत्तराखंड गो सेवा आयोग ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए सचिव शहरी विकास और पंचायतीराज को पत्र भेजा। आयोग के उपाध्यक्ष पं. राजेंद्र अणथ्वाल की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया कि हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद प्रदेश में किसी भी नगर पंचायत ने निराश्रित गोवंश के लिए एक भी शरणगृह का निर्माण नहीं कराया है।
Sign in to your account

