गैरसैंण में चल रहे विधानसभा सत्र के बीच ग्रीष्मकालीन राजधानी का मुद्दा एक बार फिर सियासी तूफान बन गया है। वरिष्ठ भाजपा नेता और कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। विपक्ष ने उनके बयान पर तीखे सवाल उठाते हुए सरकार को सीधे निशाने पर ले लिया है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब साल 2020 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत गैरसैंण को उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित कर चुके हैं, तो फिर अब इस मुद्दे पर भ्रम पैदा करने वाले बयान क्यों दिए जा रहे हैं। विपक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार के इतने वरिष्ठ मंत्री को राज्य के इतने बड़े फैसले की जानकारी न होना हैरान करने वाला है।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे नेता द्वारा इस तरह के बयान देना न सिर्फ राजनीतिक असमंजस पैदा करता है, बल्कि यह उनके पद की गरिमा पर भी सवाल खड़ा करता है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार खुद अपने फैसलों पर स्पष्ट नहीं है और यही वजह है कि अलग-अलग नेताओं के बयान अलग-अलग दिशा में जा रहे हैं।
गैरसैंण में चल रहे विधानसभा सत्र के दौरान यह मुद्दा अब पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है। विपक्ष लगातार सरकार को घेरने में जुटा है और इस मामले को लेकर सदन से लेकर सड़क तक आवाज बुलंद करने की तैयारी कर रहा है।

