देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि हरतालिका तीज का हमारी संस्कृति और धर्मग्रंथों में विशेष महत्व है। यह पर्व हमारी युवा पीढ़ी को सांस्कृतिक मूल्यों को समझने और अपनाने का अवसर भी प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य में और विशेष रूप से देहरादून में बड़ी संख्या में लोग इस पर्व को मनाते हैं। ऐसे में सरकार के सहयोग से इस पहल को भविष्य में और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा तथा इसका विस्तार किया जाएगा।
वहीं मदरसों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में 26 मदरसों को सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मान्यता दी गई है। सरकार का उद्देश्य है कि इन संस्थानों में आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराई जाए, जिससे बच्चे देश के निर्माण और उज्ज्वल भविष्य में अपनी भूमिका निभा सकें।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त करें, प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई करें और अपनी पसंद के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करें। अल्पसंख्यक शिक्षा बोर्ड ने मान्यता के लिए कुछ मानक और औपचारिकताएं निर्धारित की हैं, जिनका सभी को पालन करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड इस दिशा में कदम उठाने वाला पहला राज्य बना है, जिसका उद्देश्य हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।



