अमेरिका के संक्रामक रोग विशेषज्ञ एंथनी फौची के पूर्व सलाहकार डेविड मोरेंस ने सरकारी रिकॉर्ड कानूनों से बचने और COVID-19 महामारी तथा रिसर्च फंडिंग से जुड़े सरकारी दस्तावेज छिपाने की साजिश के मामले में दोषी होने की बात स्वीकार कर ली है।
मोरेंस ने मंगलवार को मैरीलैंड के ग्रीनबेल्ट की संघीय अदालत में साजिश के एक आरोप में अपना गुनाह कबूल किया। वह महामारी के दौरान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज (NIAID) में फौची के वरिष्ठ अधिकारी के तौर पर काम कर चुके हैं।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, अप्रैल 2020 से COVID-19 रिसर्च ग्रांट से जुड़े दस्तावेजों की Freedom of Information Act (FOIA) के तहत मांग आने लगी थी। आरोप है कि मोरेंस और अन्य लोगों ने इन सरकारी रिकॉर्ड्स को सार्वजनिक होने से बचाने के लिए निजी ईमेल का इस्तेमाल करने पर सहमति बनाई।
मोरेंस पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी ईमेल के बजाय निजी ईमेल अकाउंट से बातचीत की, ताकि भविष्य में FOIA के तहत उन संचारों की मांग होने पर उन्हें छिपाया जा सके।
मामला एक बैट कोरोना वायरस रिसर्च ग्रांट से भी जुड़ा है। अभियोजकों के अनुसार, NIH द्वारा इस ग्रांट को रद्द किए जाने के बाद मोरेंस ने इसे दोबारा बहाल कराने और COVID-19 के वुहान लैब से लीक होने की थ्योरी का विरोध करने में मदद करने की कोशिश की।
मोरेंस को 12 नवंबर को सजा सुनाई जानी है और उन्हें अधिकतम पांच साल तक की जेल हो सकती है।
हालांकि, अभियोजन पक्ष ने एंथनी फौची पर मोरेंस के मामले में किसी गलत काम का आरोप नहीं लगाया है। 2024 में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की समिति के सामने पेश हुए फौची ने मोरेंस के साथ अपने करीबी कामकाजी संबंधों को कम करके बताया था और सरकारी कामकाज के लिए निजी ईमेल इस्तेमाल करने से इनकार किया था।
COVID-19 की उत्पत्ति को लेकर विवाद अब भी जारी है। FBI ने 2023 में कहा था कि वुहान की एक प्रयोगशाला से वायरस लीक होना महामारी का संभावित कारण है। वहीं, जनवरी 2025 में CIA ने भी कम विश्वास (low confidence) के साथ लैब-लीक को संभावित बताया था। दूसरी ओर, कई अमेरिकी खुफिया एजेंसियां अब भी मानती हैं कि वायरस के प्राकृतिक रूप से किसी जानवर से इंसानों में फैलने की संभावना अधिक है।



