गैरसैंण में भूमिधर बनने की जानकारी मुख्यमंत्री ने ट्वीटर और फेसबुक के माध्यम से दी
गैरसैंण के रास्ते ही समूचे उत्तराखंड का विकास किया जा सकता है, सबसे पहले जनप्रतिनिधियों को ही रिवर्स पलायन करना होगाः सीएम
देवभूमि मीडिया ब्यूरो
देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत गैरसैंण के भूमिधर बन गये हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री ने ट्वीटर और फेसबुक के माध्यम से दी है। मुख्यमंत्री ने रिवर्स पलायन का बड़ा संदेश देते हुए कहा कि “गैरसैंण जनभावनाओं का प्रतीक है। गैरसैंण हर उत्तराखंडी के दिल में बसता है। लोकतंत्र में जनभावनाएं सर्वोपरि होती हैं।
रिवर्स पलायन से ही सुधरेगी पहाड़ों की तस्वीर और तकदीर। मैं और मेरी सरकार उत्तराखंड को उसके प्राकृतिक स्वरूप में ले जाने को वचनबद्ध है। पहल तो हम सब को व्यक्तिगत करनी होगी।
स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर मैं भी गैरसैंण का विधिवत भूमिधर बन गया हूँ।
||जय गैरसैंण, जय उत्तराखण्ड||
— Trivendra Singh Rawat (@tsrawatbjp) August 16, 2020
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गैरसैंण में भूमिधर बनने की जानकारी मुख्यमंत्री ने ट्वीटर और फेसबुक के माध्यम से दी गैरसैंण के रास्ते ही समूचे उत्तराखंड का विकास किया जा सकता है, सबसे पहले जनप्रतिनिधियों को ही रिवर्स पलायन करना होगाः सीएमदेवभूमि मीडिया ब्यूरोदेहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत गैरसैंण के भूमिधर बन गये हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री ने ट्वीटर और फेसबुक के माध्यम से दी है। मुख्यमंत्री ने रिवर्स पलायन का बड़ा संदेश देते हुए कहा कि “गैरसैंण जनभावनाओं का प्रतीक है। गैरसैंण हर उत्तराखंडी के दिल में बसता है। लोकतंत्र में जनभावनाएं सर्वोपरि होती हैं।उन्होंने कहा कि गैरसैंण के रास्ते ही समूचे उत्तराखंड का विकास किया जा सकता है। सबसे पहले जनप्रतिनिधियों को ही रिवर्स पलायन करना होगा। रिवर्स पलायन से ही सुधरेगी पहाड़ों की तस्वीर और तकदीर। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर मैं भी गैरसैंण का विधिवत भूमिधर बन गया हूँ।“मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार उत्तराखंड में स्वरोज़गार को बढ़ावा दे रही है। हम अपने युवा को स्वरोज़गार की राह पर ले जाने को कृतसंकल्प हैं और ऐसा करने से पहाड़ बसेगा। राज्य सरकार ने पूरी ईमानदारी से उत्तराखंड को उसके प्राकृतिक स्वरूप की तरफ़ ले जाने और प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए कार्य किया है और यह प्रक्रिया आगे और गति पकड़ेगी।उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पुरानी धारणाएँ तोड़ने की कोशिश कर रही है।हम स्वरोज़गार को विकास का माध्यम बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने घी संक्रांति के पावन अवसर पर उत्तराखंडवासियों से अनुरोध कि सभी अपने अपने गाँवों की तरफ़ रूख करेंगे और वहां के अपने घरों का बेहतर रख-रखाव करेंगे।

