देहरादून।
उत्तराखंड की राजनीति में 23 साल पुराना हरक सिंह रावत-जैनी प्रकरण एक बार फिर गरमा गया है। इंदिरा देवड़ी उर्फ जैनी ने 4 नवंबर को वीडियो जारी कर 24 घंटे के भीतर सबूतों के साथ बड़ा खुलासा करने का ऐलान किया था। आज 5 नवंबर को उनके खुलासे पर सभी की निगाहें टिकी हैं। वहीं हरक सिंह रावत ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर पलटवार करते हुए डीएनए जांच की चुनौती दी और नंदप्रयाग-घाट प्रकरण को लेकर भी बड़े खुलासे करने की चेतावनी दी है। ऐसे में प्रदेश की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
उत्तराखण्ड में इन दिनों एक दूसरे के कपड़े फाड़ने का खेल चल रहा है। नारायण दत्त तिवारी कार्यकाल में मंत्री रहे हरक सिंह रावत से जुड़े जैनी प्रकरण एक बार फिर सुर्खियों में है। चर्चा है ली जैनी कोई नया धमाका कर सकती है।
ढाई दशक बाद इंदिरा देवड़ी उर्फ जैनी का वीडियो सामने आया है। चार नवंबर को आये एक मिनट 11 सेकंड के वीडियो में जैनी ने एक दिन के अंदर खुलासे की बात कही है। आज 5 नवंबर को जैनी क्या कुछ कहती है। इस पर सभी दलों की निगाहें टिकी हुई है। 2003 के सेक्स स्कैंडल के अलावा कुछ विशेष मसले के उजागर होने की चर्चाएं भी जोरों पर है।
उधर,हरक सिंह ने कहा कि जैनी 18 दिसंबर 2002 में देहरादून आयी। और मार्च में उसका बच्चा पैदा हुआ। हरक ने कहा कि मेरी इतनी कुव्वत नहीं कि तीन महीने में बच्चा पैदा नहीं कर दूं।
हरक सिंह ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के डीएनए टेस्ट की मांग की। और चमोली जिले के नन्दप्रयाग- घाट की एक पुरानी चर्चित घटना का उल्लेख करते हुए काले कारनामों के खुलासे की बात कहकर सभी को चौंका दिया।
बहरहाल, इन दिनों प्रदेश की राजनीति में जैनी कांड के उछलने के बाद जैनी उर्फ इंदिरा देवी (इंदिरा देवरी) का 4 नवंबर को एक वीडियो सामने । वीडियो में उन्होंने 23 साल पुराने जैनी प्रकरण को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ने और सबूतों के साथ सच सामने रखने का ऐलान किया है।
मेरे नाम पर गंदी राजनीति बंद करो। आप लोग मेरे नाम को लेकर राजनीति कर रहे हैं और मेरे चरित्र पर लांछन लगा रहे हैं।
– मेरे साथ क्या हुआ, यह मुझे ही पता है। इतने वर्षों में किसी ने यह जानने की कोशिश नहीं की कि मेरे साथ वास्तव में क्या हुआ था।
– 2003 की घटना का सच बताऊंगी। मेरे साथ उस समय या उसके आसपास जो कुछ हुआ, उसे मैं खुद सामने रखूंगी।
– सबूतों के साथ सामने आऊंगी। उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ एक दिन का समय दिया जाए। वह प्रमाणों के साथ पूरी बात सार्वजनिक करेंगी।
-डीएनए जांच कराने की चुनौती। उन्होंने अपने नाम पर चल रही चर्चाओं के बीच डीएनए जांच कराने की बात भी कही।
जैनी ने कहा कि घटना के समय उनकी उम्र करीब 16-17 वर्ष थी और उन्हें डराया-धमकाया गया था। उन्होंने मामले को दोबारा खुलवाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है।
क्या था हरक- जैनी कांड
2003 में असम की लड़की इंदिरा देवड़ी उर्फ जैनी ने देहरादून में एक बच्चे को जन्म दिया था । और तत्कालीन मंत्री हरक सिंह रावत को बच्चे का बाप करार दिया। राजनीतिक भूचाल उठने पर हरक सिंह ने मंत्री पद से इस्तीफा देकर सीबीआई जांच की मांग की थी। सवा साल तक चली सीबीआई जांच और डीएनए टेस्ट में हरक सिंह रावत बरी हो गए थे।
26 साल बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। कांग्रेस नेता हरक सिंह के सरकार पर जारी हमले के बीच, कुछ दिन पहले सीएम पुष्कर सिंह धामी में जैनी सेक्स स्कैंडल का जिक्र करते हुए पलटवार किया था। एक बार फिर यह मामला डीएनए टेस्ट की दहलीज तक पहुंच गया।
हरक का महेंद्र भट्ट पर पलटवार, नंदप्रयाग-घाट की घटना पर घेरा
जैनी प्रकरण में महेंद्र भट्ट की ओर से उठाए गए सवालों पर पलटवार करते हुए हरक ने कहा कि उनका डीएनए टेस्ट हो चुका है और सीबीआई जांच में भी वह पाक-साफ निकले हैं। इसके बावजूद पुराने मामले को उछालकर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।
हरक ने भट्ट को चुनौती देते हुए पूछा कि जब वह बदरीनाथ से विधायक थे, तब नंदप्रयाग-घाट में स्थानीय लोगों ने उन्हें कमरे में बंद कर क्यों पीटा था? आखिर ऐसी क्या वजह थी कि जनता उनके खिलाफ सड़क पर उतर आई थी? हरक ने चेतावनी दी कि भट्ट ने इस सवाल का जवाब दिए बिना दोबारा बयानबाजी की तो वह नंदप्रयाग-घाट प्रकरण के पूरे चिट्ठे सार्वजनिक कर देंगे। उन्होंने कहा कि भट्ट उनके कथित काले चिट्ठे खोलें और वह भी उनके चिट्ठे खोलने को तैयार हैं।



