विजयवाड़ा / नई दिल्ली : भाजपा के चर्चित महासचिव (संगठन) रामलाल को 13 वर्षों तक भाजपा में रखने के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में वापस ले लिया हैं। संघ में उन्हें उनकी पिछले कार्यकाल का ही पद अखिल भारतीय सहसंपर्क प्रमुख दिया गया है। इसका साफ़ अर्थ है कि आरएसएस भाजपा में उनकी कार्यप्रणाली से खुश नहीं था।। उनके स्थान पर राष्ट्रीय संगठन महामत्री का दायित्व वी.एल. संतोष को दिया जा रहा है।
सूत्रों ने उत्तराखंड का उदाहरण देते हुए बताया कि रामलाम जी ने वहां बिना जनाधार वाले व्यक्ति नरेश अंसल को लोकसभा चुनाव के दौरान कार्यकारी अध्यक्ष बना डाला था जबकि समूचे देश में लगभग राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित नौ प्रदेश अध्यक्ष चुनाव मैदान में थे लेकिन पार्टी ने किसी भी प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी नहीं बांटी तो आखिर उत्तराखंड में ही यह प्रयोग क्यों किया गया। वहीँ इसके बाद उत्तराखंड में चुनाव के दौरान बनाये गए कार्यकारी अध्यक्ष के कृत्यों से सारा संगठन तब सन्न हो गया जब उन्होंने पार्टी अध्यक्ष अजय भट्ट की नाम पट्टिका बाहर फिंकवाने सहित अब तक के अध्यक्षों की नाम पट्टिका में अपना नाम कुर्सी में बैठते ही अंकित करवा डाला इससे उत्तराखंड में पार्टी की काफी छिछालेदारी हुई थी। इतना ही नहीं उत्तराखंड में यौनशोषण मामले में चर्चाओं में आये प्रदेश संगठनमहामन्त्री संजय कुमार मामले में भी उनपर आरोप है कि उन्होंने उसे बचाने के लिए जमकर अपने पद का दुरपयोग किया।
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