अमेरिका में रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर कड़े शुल्क लगाने वाले विधेयक को संसद की मंजूरी मिलने के बाद भारत और चीन को लेकर अमेरिकी सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत और चीन को अपना रवैया सुधारना चाहिए और रूस के बजाय किसी दूसरे देश से तेल और गैस खरीदनी चाहिए।
अमेरिकी कांग्रेस ने ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट 2026’ को मंजूरी दे दी है। इस कानून के तहत रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों के सामान पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। रूस से जुड़े सामान पर इससे भी अधिक शुल्क लगाने की व्यवस्था की गई है।
इस कानून का उद्देश्य रूस की अर्थव्यवस्था और यूक्रेन युद्ध के लिए उसकी वित्तीय क्षमता पर दबाव बढ़ाना है। इसके तहत रूसी अधिकारियों, बैंकों, ऊर्जा कंपनियों और रूस की सैन्य गतिविधियों में मदद करने वाली विदेशी संस्थाओं पर भी कार्रवाई का प्रावधान है।
वहीं, भारत ने अमेरिकी कानून पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह अपने 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अलग-अलग स्रोतों से खरीद जारी रखेगा और बदलते वैश्विक बाजार के अनुसार फैसले लेगा।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस मुद्दे पर पिछले कुछ महीनों में अमेरिकी अधिकारियों के साथ उच्च स्तर पर चर्चा भी हुई है।



