गंभीर रोगों के चिकित्सा प्रमाण-पत्रों के लिए जनपद स्तर पर सक्षम प्राधिकारी तत्काल नामित किए जाएँ : डॉ॰ अंकित जोशी
राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री डॉ॰ अंकित जोशी ने कहा कि शासन द्वारा गंभीर रोगों के संबंध में केवल सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण-पत्र को मान्यता दिए जाने का स्पष्ट प्रावधान है। शासनादेश के अनुसार अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, राज्य मेडिकल बोर्ड, राज्य सरकार द्वारा अधिकृत चिकित्सा संस्थान अथवा राज्य चिकित्सा विभाग द्वारा राज्य/जनपद स्तर पर नामित सक्षम प्राधिकारी/समिति द्वारा जारी प्रमाण-पत्र ही मान्य हैं।

उन्होंने कहा कि शासन के स्पष्ट प्रावधानों के बावजूद माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा समय रहते चिकित्सा विभाग को पत्र भेजकर जनपद स्तर पर सक्षम प्राधिकारियों को नामित किए जाने की प्रक्रिया सुनिश्चित नहीं कराई गई। इसका प्रतिकूल प्रभाव सीधे गंभीर रोग से पीड़ित शिक्षकों पर पड़ रहा है। अनेक जनपदों में निर्धारित सक्षम प्राधिकारी के अभाव में शिक्षक समय पर चिकित्सा प्रमाण-पत्र प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं, जिससे वे शासन द्वारा निर्धारित समयसीमा के भीतर अपने आवेदन प्रस्तुत करने से वंचित हो सकते हैं।
डॉ॰ जोशी ने मांग की कि माध्यमिक शिक्षा विभाग तत्काल चिकित्सा विभाग को पत्र प्रेषित कर प्रत्येक जनपद में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक अथवा शासन द्वारा उपयुक्त सक्षम प्राधिकारी को इस प्रयोजन हेतु नामित/अधिसूचित कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि गंभीर रोगों से संबंधित चिकित्सा प्रमाण-पत्र समयबद्ध रूप से निर्गत हो सकें और पात्र शिक्षक बिना किसी प्रशासनिक बाधा के अपने आवेदन प्रस्तुत कर सकें।
उन्होंने कहा कि यह विषय हजारों शिक्षकों के हितों से जुड़ा हुआ है और इसमें किसी भी प्रकार की प्रशासनिक शिथिलता उचित नहीं है। इस संबंध में शीघ्र ही महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा से भेंट कर जनपद स्तर पर सक्षम प्राधिकारियों की अधिसूचना जारी कराने तथा शासनादेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया जाएगा, जिससे किसी भी शिक्षक को केवल प्रक्रियागत कमी के कारण अपने वैधानिक अधिकारों से वंचित न होना पड़े।



