Uttarakhand

जिला सहकारी बैंकों में कोई गड़बड़ी नहीं – अपर निबंधक ईरा उप्रेती

जिला सहकारी बैंकों में कोई गड़बड़ी नहीं अपर निबंधक ईरा उप्रेती

देहरादून : समाचार पत्रों में उत्तराखंड के सहकारी बैंकों में कथित घपले से संबंधित समाचार प्रकाशित किए गए हैं। इस संबंध में सहकारिता विभाग की ओर से अपर निबंधक ईरा उप्रेती ने स्पष्ट किया है कि जिला सहकारी बैंकों में किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी नहीं पाई गई है तथा समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरें पूर्णतया गलत, भ्रामक और तथ्यहीन हैं।

 

उन्होंने बताया कि आयकर विभाग द्वारा सहकारी बैंकों के संबंध में की गई जांच केवल स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन (SFT) रिटर्न के सत्यापन से संबंधित थी। इस प्रक्रिया में बैंकों द्वारा आयकर विभाग के पोर्टल पर अपलोड किए गए वित्तीय लेनदेन से जुड़े डाटा की तकनीकी जांच की जाती है।

 

इस क्रम में दिनांक 30 दिसम्बर 2025 को आयकर विभाग, देहरादून के अधिकारियों द्वारा जिला सहकारी बैंक लि० गढ़वाल (कोटद्वार) के मुख्यालय में वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक बैंक द्वारा पोर्टल पर प्रेषित SFT रिटर्न की जांच की गई।

 

जांच के दौरान बैंक द्वारा अधिकारियों के समक्ष सभी आवश्यक अभिलेख एवं दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। जांच में यह पाया गया कि सभी SFT रिटर्न पोर्टल पर दाखिल किए गए थे, किंतु उनमें कुछ तकनीकी त्रुटियाँ थीं।

 

आयकर विभाग द्वारा इन त्रुटियों के संशोधन के लिए समय दिया गया, जिसके उपरांत बैंक द्वारा विभाग के समक्ष उपस्थित होकर संशोधित रिटर्न प्रस्तुत किए गए तथा आपत्तियों का समाधान कर दिया गया। वर्तमान में इस संबंध में कोई आपत्ति लंबित नहीं है।

 

इसी प्रकार दिनांक 17 मार्च 2026 को आयकर विभाग, देहरादून द्वारा जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, हरिद्वार के मुख्यालय बी.टी.गंज, रुड़की में भी नियमित सर्वे किया गया। इस दौरान SFT रिटर्न से संबंधित डाटा की जांच की गई तथा कुछ मामलों में वित्तीय वर्ष 2024-25 के कुछ रिटर्न के अपलोड एवं संशोधन की आवश्यकता बताई गई। बैंक द्वारा इन तकनीकी त्रुटियों को प्राथमिकता के आधार पर सुधारने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

 

अपर निबंधक ने स्पष्ट किया कि जनपद पौड़ी, उत्तरकाशी एवं हरिद्वार के जिला सहकारी बैंकों में किसी भी प्रकार का वित्तीय घपला नहीं हुआ है। यह विषय केवल आयकर विभाग के पोर्टल पर SFT रिटर्न से संबंधित डाटा अपलोड एवं तकनीकी त्रुटियों से जुड़ा हुआ था, जिसका समाधान नियमानुसार किया जा रहा है।

 

सहकारिता विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे भ्रामक एवं अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें तथा किसी भी जानकारी के लिए विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचना को ही मान्य मानें।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button
Translate »