
चोरों का मुखबिर निकला सिपाही, पकड़े गए आरोपियों ने खोला राज
देहरादून। जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो मानव समाज का गर्त में जाना तो तय ही माना जाएगा। वैसे तो पुलिस की कार्यप्रणाली पर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं। पुलिस की कार्यप्रणाली को संदेह के घेरे में लेने वाला एक मामला प्रकाश में आया है। जहां चोरी के आरोपियों के खुलासे में कबूल किया है कि पुलिस का ही एक सिपाही चोरों का मुखबिर बना हुआ था। जोकि मुखबिरी की वसूली चोरों से करता था। राजधानी दून में पुलिस ने सिपाही समेत चार चोरों को गिरफ्तार किया है आरोपी सिपाही चोरों के साथ मिला हुआ था और पुलिस मूवमेंट की जानकारी चोरों तक पहुंचाता था। इतना ही नहीं इसकी एवज में सिपाही चोरों से अच्छी खासी रकम वसूलता था। पुलिस की मानें तो आरोपी डोईवाला में बंद पड़ी फैक्ट्रियों में चोरी की घटनाओं को लगातार अंजाम दे रहे थे, लेकिन चोरी के बाद आसानी से बच कर निकल जाते थे। इसमें उनकी मदद लालतप्पड़ में तैनात सिपाही स्वप्निल ऋषि करता था।
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