नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर नीट-यूजी पेपर लीक मामले में सरकार की जवाबदेही तय करने सहित तीन प्रमुख मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। हालांकि, मांगों पर अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है।
सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तथा आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा शामिल है। उन्होंने कहा कि जेपी नड्डा ने इन मांगों पर पार्टी नेतृत्व से चर्चा करने के लिए समय मांगा है।
सीजेपी के एक अन्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया है कि वह इन मांगों को उचित स्तर पर उठाएंगे, लेकिन फिलहाल कोई प्रतिबद्धता नहीं दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा।
वहीं, जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में बातचीत हुई है। उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त कर प्रशासन को सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने उन्हें अपना लिखित ज्ञापन भी सौंपा है।
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद भवन परिसर स्थित अपने कार्यालय में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। हालांकि, बैठक में हुई चर्चा का आधिकारिक ब्योरा सामने नहीं आया है।
उधर, ‘संसद चलो’ मार्च के तहत हजारों प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर कूच करने का प्रयास किया। संसद के बाहर पुलिस ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश के आरोप में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए हल्का बल प्रयोग और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया।
केंद्रीय दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों को प्रमुख स्थानों पर तैनात किया गया है, जबकि एहतियातन कई मेट्रो स्टेशनों के कुछ प्रवेश और निकास द्वार अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान अभिजीत दिपके समेत सीजेपी के कम से कम सात प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।



