उत्तराखंड राज्य के आठ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है और अगले 72 घंटे मौसम कभी भी करवट ले सकता है।
उत्तराखंड में मानसून की आहट अब साफ सुनाई देने लगी है। पहाड़ों से लेकर घाटियों तक हलचल बढ़ गई है। मौसम विभाग ने देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, टिहरी और पिथौरागढ़ जिलों में चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।
कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। यानी आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ नजर आ सकता है।
अगले तीन दिनों के मौसम का हाल
25 जून में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाई चल सकती है। कई इलाकों में आकाश से बिजली गिरने की भी आशंका है। यानी आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ नजर आ सकता है।
25 जून को राज्य के पर्वतीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौरा देखने को मिलेगा। 26 जून को भी पहाड़ों में बादलों की सक्रियता बनी रहने के आसार हैं। वही 27 जून को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती है।
हालांकि हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।
चारधाम यात्रा के बीच मौसम ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इन दिनों हजारों श्रद्धालु केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा पर हैं। लगातार बारिश से पहाड़ी मार्गों पर फिसलन बढ़ने, नालों-गधेरों के उफान पर आने तथा तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की घटनाओं का खतरा बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रा के दौरान मौसम की जानकारी लेते रहे मौसम के दौरान खुले स्थान, नदी-नालों में जाने से बचें। कहीं जाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करें।
उत्तराखंड में मानसून जहां राहत लेकर आता है, वहीं कई चुनौतियां भी साथ लाता है। पिछले वर्षों में बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़कें बंद होने और आकाशीय बिजली गिरने जैसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। यही वजह है कि मौसम विभाग लगातार सतर्क रहने की सलाह दे रहा है। पहाड़ों में मौसम पलभर में बदल जाता है, इसलिए अगले 72 घंटों के दौरान विशेष सावधानी बरतें और सुरक्षित रहें।



